ग्रीष्मकालीन राजधानी के बाद मुख्यमंत्री की दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा, 25 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान

राज्य की अस्मिता के प्रतीक गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक और बड़ी घोषणा की है। ठीक ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के अंदाज में उन्होंने गैरसैंण परिक्षेत्र में 25 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया। उन्होंने अगले 10 साल में गैरसैंण में विकास की वे सारी जरूरतें पूरी करने का इरादा जताया, जो एक आदर्श राजधानी के लिए जरूरी है।ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के बाद से पूरे प्रदेश की निगाहें सरकार पर लगी थीं। घोषणा के बाद राजधानी को लेकर सरकार की ओर से कोई पहल न होने से निराशा भी थी। आलोचनाओं के तीर भी छूट रहे थे। लेकिन सरकार का मत है कि यह देरी कोरोना की वजह से थी। बकौल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, गैरसैंण में हम बहुत कुछ करना चाहते थे।

इस एलान के साथ ही उनकी इस घोषणा के सियासी निहितार्थ टटोले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे स्थायी राजधानी की ओर उठाया गया दूसरा अहम कदम मान रहे हैं। माना जा रहा है कि तुरुप के पत्ते की तरह स्थायी राजधानी की दिशा में उनका तीसरा अंतिम पग चुनाव से पूर्व उठेगा।लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से हमारा काफी समय निकल गया। गैरसैंण को एक आदर्श राजधानी की तरह संवारना क्या स्थायी राजधानी की ओर बढ़ते कदम है, इस प्रश्न का जवाब मुख्यमंत्री भविष्य पर छोड़ देना चाहते हैं। लेकिन सियासी हलकों में चर्चा यही है कि मुख्यमंत्री की ये दूसरी घोषणा को पहाड़ की राजधानी पहाड़ में हो, के सपने के साकार होने की दिशा में देखा जा रहा है।